May 24, 2019
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बाँदा-अतर्रा की आस्था बनी फ़िल्म शिक्षा की शिक्षा, अभिनय से किया परिवार का नाम रोशन

{रिपोर्ट-इरफ़ान पठान}
यूपी स्टार न्यूज़_11 सितम्बर2018_बाँदा। कहते है कि हुनर पहचान का मोहताज नहीं होता बल्कि लगन खुद पहचान बन जाती है। हम बात कर रहे है बुंदेलखंड के छोटे से कस्बे अतर्रा में रहने वाली आस्था कश्यप की,जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और हुनर के बलबूते एक सामाजिक फ़िल्म में मुख्य किरदार निभाया है। स्कूल के दौरान होने वाला अभिनय का शौक उसे फ़िल्म तक ले आया और आज ए.एम.बी फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस की सामाजिक फ़िल्म “शिक्षा” में अहम रोल अदा कर रही है। छोटे कस्बे से निकलकर आस्था अपनी ही भाषा और मिट्टी से जुड़ी फ़िल्म में काम करके काफी उत्साहित है। यहीं नहीं आस्था का परिवार भी उसकी इस कामयाबी पर खासा प्रसन्न है।

बुंदेलखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं लेकिन सामजिक हिचक और कोई प्लेटफार्म न मिल पाने के कारण यहां की प्रतिभाएं दम तोड़ देती है। एक्टिंग के क्षेत्र में भी कोई सही मार्गदर्शक न मिलने से यहाँ के होनहार अपने हुनर को दबा ले जाते है। मगर बुंदेलखंड में काम कर रही संस्था ए.एम.बी फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस ने बुन्देलीवुड के सपने को साकार करने के लिए स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर और अभिनय को दर्शकों तक लाने का मौका दिया है। इस फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस से जुड़ी बाँदा जनपद के क़स्बा अतर्रा में रहने वाली आस्था कश्यप ने भी अपने अभिनय के जरिये सामाजिक फ़िल्म शिक्षा से फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत कर दी है। दरअसल अतर्रा कस्बे के मोहल्ला अत्रि नगर आजाद नगर में रहने वाले शिवनारायण पेशे से बीमा एजेंट है और अपने चार बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं। इनकी सबसे छोटी बेटी आस्था को बचपन से एक्टिंग का शौक रहा पर माता पिता को नहीं पता था कि एक्टिंग का शौक करने वाली आस्था एक दिन फिल्मों में भी अभिनय कर उनका नाम रोशन करेगी।अपने चार बच्चों का पालन पोषण कर रहे है। इनकी सबसे छोटी बेटी आस्था के बचपन का शौक एक्टिंग कब उसे फिल्मों तक ले गया इन्हें पता भी न चला। आस्था के पिता शिवनारायण बताते है कि आस्था को एक्टिंग का बड़ा शौक रहा और आज वो अपने अभिनय के जरिये ही बुंदेलखंड की पृष्ठभूमि में बन रही सामाजिक फ़िल्म शिक्षा में अहम किरदार को निभा रही है। उसकी इस कामयाबी पर हमारा पूरा परिवार और पड़ोस के लोग काफी उत्साहित है। ए.एम.बी फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बन रही फ़िल्म शिक्षा में शिक्षा की भूमिका निभा रही आस्था बताती है कि वो बुंदेलखंड के अति पिछड़े जनपद बाँदा के एक छोटे से कस्बे अतर्रा में रहकर एक्टिंग का शौक रखती थी , मगर यहाँ के सामाजिक पिछड़ेपन और कोई सही जरिया न मिल पाने से कारण वो अपने इस हुनर को न तो निखार पा रही थी और न ही आगे बढ़ पा रही थी। शिक्षा फ़िल्म के ऑडिशन के समय भी उनके परिवार ने कोई खास सपोर्ट नहीं किया मगर उनकी लगन को देखकर उनके पूरे परिवार ने उनका साथ दिया। बड़े भाई के साथ आकर उन्होंने शिक्षा फ़िल्म का ऑडिशन दिया ,मेरा ऑडिशन बहुत अच्छा हुआ , ऑडिशन में मेरी परफॉरमेंस को देखते हुए सिलेक्ट कर लिया गया तो मेरे परिवार ने भी खुलकर मेरा साथ दिया और यहीं से फ़िल्म शिक्षा की शूटिंग में लग गई। फ़िल्म शिक्षा एक सामाजिक फ़िल्म है जिसकी शूटिंग बुंदेलखंड के जनपद बाँदा,महोबा और हमीरपुर में हो रही है। फ़िल्म के किरदार में वो शिक्षा का रोल अदा कर रही है। फ़िल्म की कहानी और बताने से मना करते हुए आस्था कहती है कि ये फ़िल्म सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करती है। फ़िल्म शिक्षा प्रधान है और सन्देश देने वाली है। फ़िल्म में बेटा बेटी एक समान, दहेज़,टीबी रोग,नारी उत्पीड़न जैसे मुद्दों को उठाया गया है। ये फ़िल्म 15 सितम्बर को रिलीज हो रही है। फ़िल्म के निर्देशक अंश जी की बदौलत मुझे ये बड़ा मौका मिला है। उन्होंने ही मेरी एक्टिंग क्षमता को परख कर ये मौका दिया। इस फ़िल्म में पूरी टीम ने बड़ी मेहनत की है। फ़िल्म लगभग तैयार है और सितम्बर माह में दर्शक उसे देख पायेंगे। इस फ़िल्म को लेकर मेरे कस्बे के लोग भी बहुत उत्साहित हैं।

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